भारतीय दर्शन Home Page Syllabus Question Bank Test Series About the Writer चार्वाकों के द्वारा अनुमान प्रमाण की समीक्षा चार्वाकों के द्वारा अनुमान प्रमाण की समीक्षा चार्वाक के अनुसार , अनुमान प्रमाण निराधार है , क्योंकि अनुमान का आधार है व्याप्ति और व्याप्ति की स्थापना हो नहीं सकती। क्योंकि हम कभी भी सभी हेतु व साध्यों का निरीक्षण कर ही नहीं सकते , फिर कैसे कह सकते हैं कि जहाँ - जहाँ हेतु है , वहीं - वहीं साध्य है ; जैसे - आज से हजारों वर्ष पहले धुआँ होगा , कैसे कह सकते हैं कि तब अग्नि होगी कि नहीं , इसी प्रकार सैकड़ों वर्ष बाद धुआँ होगा , कैसे कह सकते हैं कि तब अग्नि होगी की नहीं। चूँकि , व्याप्ति ही अनुमान का आधार है और व्याप्ति की स्थापना हो ही नहीं सकती , इसलिए अनुमान निराधार है। न्याय दार्शनिक चार्वाक के प्रति उत्तर कहते हैं कि हमें सभी हेतु तथा साध्यों का पृथक् - पृथक् रूप से प्रत्यक्ष करने की जरूरत नहीं है। अलौकिक प्रत्यक्ष द्वारा जब हम एक हेतु का प्रत्यक्ष ...