मौलिक अधिकार ( Fundamental rights ) मौलिक अधिकार ( Fundamental rights ) मौलिक अधिकरों भारत के अधिकार-पत्र अर्थात मैग्नाकार्टा कहा जाता है। संविधान के भाग 3 मे अनुच्छेद 12-35 तक मूल अधिकारों का वर्णन है। मौलिक अधिकार नागरिकों को राज्य द्वारा प्रदान किए गए है जिनका राज्य सामान्य परिस्थितियों में उल्लंघन नहीं कर सकता। केवल आपात स्थति में मौलिक अधिकार समाप्त किए जा सकते है। संविधान निर्माण के समय सात प्रकार के मौलिक अधिकारों को संविधान में वर्णित किया गया था परंतु 1978 में हुए 42वें संविधान संशोधन में सम्पत्ति का अधिकार को सूची से हटा दिया गया जिसके बाद मौलिक अधिकारों की संख्या छः रह गई। जो इस प्रकार वर्णित है- अनुच्छेद 12 के अनुसार – मौलिक अधिकार की परिभाषा अनुच्छेद 13 के अनुसार – मौलिक अधिकारों से असंगत या उनका अल्पीकरण करने वाली विधियाँ अनुच्छेद 14 के अनुसार – विधि के समक्ष समता का अधिकार अनुच्छेद 15 के अनुसार – धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग पर विभेद का प्रतिनिषेध अनुच्छेद 16 के अनुसार – लोक नियोजन के विषय में अवसर की समानता अनुच्छेद 17 के अनुसार – अस्पृश्यता का अन्त अनुच्छेद 18...