सकारात्मक क्रिया ( sakaaraatmak kriya ) सकारात्मक क्रिया ( sakaaraatmak kriya ) सकारात्मक क्रिया को भारत एवं नेपाल में आरक्षण तथा यूनाइटिड किंगडम में सकारात्मक विभेद तथा साउथ अफ्रीका और कनाडा में रोजगार साम्यता के नाम से जाना जाता है। भारत में सकारात्मक क्रिया अर्थात आरक्षण की शुरुआत 1882 में हण्टर आयोग अर्थात ‘भारतीय शिक्षा आयोग’ के गठन के साथ हुई थी। विलियम हण्टर इस आयोग के सदस्य थे। इस आयोग की मुख्य सिफारिश निम्नलिखित थी – प्राथमिक शिक्षा व्यवहारिक हो। प्राथमिक शिक्षा देशी भाषाओं में हो। शैक्षिक रूप से पिछड़े इलाकों में शिक्षा विभाग स्थापित हो। धार्मिक शिक्षा को प्रोत्साहन न दिया जाए। बालिकाओं के लिए सरल पाठ्यक्रम व निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था हो। अनुदान सहायता छात्र-शिक्षक की संख्या व आवश्यकता के अनुपात में दिया जाए। देशी शिक्षा के पाठ्यक्रम में परिवर्तन न करके पूर्ववत चलने दिया जाए। इसी समय के प्रसिद्ध समाज सुधारक ज्योतिबा फुले ने सभी के लिए निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा तथा अग्रेजी सरकार की नौकरियों में आनुपातिक आरक्षण क...