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महाभारत ( Mahabharat ) में युधिष्ठर और नारद के प्रश्न

महाभारत ( Mahabharat ) में युधिष्ठर और नारद के प्रश्न  महाभारत ( Mahabharat ) में युधिष्ठर और नारद के प्रश्न      महाभारत के शान्ति पर्व के ' राजधर्मानुशासन पर्व ' के अन्तर्गत अध्याय-1 के अनुसार युधिष्ठिर के पास नारद आदि महर्षियों का आगमन होता है , जिसमें नारद जी द्वारा युधिष्ठिर से राजनीति के सन्दर्भ में कुछ प्रश्न किए जाते हैं। ये प्रश्न स्वयं में इतने सारगर्भित होते हैं कि प्रश्न से अधिक इन्हें उत्तर के रूप में जाना जा सकता है । Ø   युधिष्ठर और नारद के प्रश्न  क्या तुम्हारा धन , तुम्हारे (यज्ञ , दान तथा कुटुम्ब रक्षा आदि) आवश्यक कार्यों के निर्वाह के लिए पूरा पड़ जाता है ? क्या धर्म में तुम्हारा मन प्रसन्नतापूर्वक लगता है ? क्या तुम्हें इच्छानुसार सुख-भोग प्राप्त होता है ? तुम्हारे मन को (किन्हीं दूसरी वृत्तियों द्वारा) आघात या विक्षेप नहीं पहुँचता है ? क्या तुम ब्राह्मण , वैश्य और शूद्र वर्णों की प्रजाओं के प्रति अपने पिता पितामहों द्वारा व्यवहार में लाई हुई धर्मार्थयुक्त उत्तम एवं उदारवृत्ति का व्यवहार करते हो ? क्या तुम धन के लोभ में पड़कर धर्म को...