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वेदों का रहस्य "प्राचीन भारत का वह विज्ञान जो आज भी सबको चौंका देता है"

वेदों का सामान्य परिचय General Introduction to the Vedas भारतीय दर्शन का प्राचीनतम एवं आरम्भिक अंग वैदिककाल को माना जाता है। वैदिक काल में वेद तथा उपनिषदों जैसे महत्वपूर्ण दर्शनों का व्यापक विकास हुआ। भारत का सम्पूर्ण दर्शन, वेद एवं उपनिषद की विचारधाराओं से प्रभावित हुआ है। वेद प्राचीनतम मनुष्य के दार्शनिक विचारों का मानव भाषा में प्रथम वर्णन है। वेदों को ईश्वर की वाणी कहा जाता है, इसलिए वेदों को परम सत्य मानकर आस्तिक दर्शनों ने प्रमाण के रूप में स्वीकार किया है। वेद का अर्थ है- “ज्ञान” भारतीय वैदिक विचारधारा के आधार पर वेद की संख्या चार है- ऋग्वेद  यजुर्वेद  सामवेद  अथर्ववेद  वेदों में मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं का ज्ञान समाहित है: वेद का नाम परिचय प्रमुख विषय ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद इसमें देवताओं की स्तुति के लिए 1028 सूक्त और मंत्र हैं। यजुर्वेद कर्मकांड प्रधान वेद इसमें यज्ञों की विधियों और प्रयोग किए जाने वाले मंत्रों का वर्णन है। सामवेद ...