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रविन्द्र नाथ टैगोर ( Rabindranath Tagore )

रविन्द्र नाथ टैगोर ( Rabindranath Tagore )

रविन्द्र नाथ टैगोर ( Rabindranath Tagore )

    रबीन्द्रनाथ ठाकुर (7 मई, 1869 – 7 अगस्त, 1941) विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले युगदृष्टा थे। वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं - भारत का राष्ट्र-गान 'जन गण मन' और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान 'आमार सोनार बांङ्ला' गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं।

रविन्द्र नाथ टैगोर ( Rabindranath Tagore ) की रचनाएँ

Ø  गीतांजलि

Ø  पूरबी प्रवाहिन

Ø  शिशु भोलानाथ

Ø  महुआ

Ø  वनवाणी

Ø  परिशेष

Ø  पुनश्च

Ø  वीथिका शेषलेखा

Ø  चोखेरबाली

Ø  कणिका

Ø  नैवेद्य मायेर खेला

Ø  क्षणिका

Ø  गीतिमाल्य

Ø  कथा ओ कहानी

Ø  साधना

Ø  Personality

Ø  Creative Unity

Ø  The Religion of Man

रविन्द्र नाथ टैगोर ( Rabindranath Tagore ) के दार्शनिक विचार 

रविन्द्र नाथ टैगोर का मानव धर्म


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